पटना, 02 नवम्बर (पटना डेस्क) भागलपुर जिले में विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के कारण बरारी स्थित बियाडा घाट और नवगछिया के महादेवपुर घाट के बीच संचालित फेरी सेवा लोगों के आवागमन का प्रमुख सहारा बनी हुई है। लेकिन इस सेवा पर निर्भर किसानों और यात्रियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। किसानों ने भाड़ा वसूली के बावजूद सब्जियां निकाल लेने का आरोप लगाया है, वहीं घाट पर अव्यवस्था, दुर्व्यवहार और जाम से लोगों का हाल बेहाल है। रविवार शाम करीब पांच बजे नवगछिया से बरारी घाट पहुंचे सब्जी विक्रेताओं ने अपनी पीड़ा बताई। दियारा निवासी अमोद कुमार ने कहा कि उनके परिवार की आजीविका खेती पर निर्भर है। सब्जियां बेचने के लिए भागलपुर आना मजबूरी है। जहाज पर प्रत्येक बंडल के लिए 30 रुपये भाड़ा देने के बावजूद कुछ कर्मी बोरों से दो से चार किलो तक सब्जियां निकाल लेते हैं।

घाट पर उतरने के बाद भी कुछ लोग जबरन सब्जियां लेने का प्रयास करते हैं। शुक्रवार को विक्रेताओं ने इसका विरोध भी किया था। किसानों का कहना है कि इससे उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है।रविवार शाम फेरी सेवा के अंतिम जहाज टाइटन-3 पर यात्रियों और वाहनों को चढ़ाने के दौरान भी हंगामा हुआ। टिकट जांच बैरियर पार कर आगे बढ़े मोटरसाइकिल चालक संतोष कुमार की कर्मियों से कहासुनी के बाद कथित हाथापाई हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। काफी मशक्कत के बाद संतोष को जहाज पर भेजा गया। बारिश और गंगा का जलस्तर घटने से बरारी घाट की वन-वे व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। श्मशान घाट की ओर बने निकास द्वार तक जाने वाला रास्ता कीचड़ से भरा है।

फिसलने के डर से यात्रियों को संभलकर चलना पड़ता है। रविवार सुबह एक बुजुर्ग ने प्रशासनिक शिविर में मिट्टी डालकर रास्ता समतल कराने की मांग की।बियाडा मार्ग पर टोटो और ऑटो के अवैध पड़ाव से जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। किसानों और यात्रियों ने प्रशासन से कथित अवैध वसूली की जांच, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और पैदल रास्ता दुरुस्त कराने की मांग की है।













