नई दिल्ली, 21 अप्रैल (अशोक “अश्क”) पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में जरूरी खाद्य आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार ने मंगलवार को साफ किया कि देशभर में दूध और दूध उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं और सप्लाई चेन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। इस बीच घरेलू जरूरतों को देखते हुए एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है। पशुपालन और डेयरी विभाग की निदेशक पूजा रुस्तगी ने अंतर-मंत्रालयी बैठक में बताया कि मौजूदा हालात के बावजूद दूध की खरीद, प्रोसेसिंग और वितरण सुचारु रूप से जारी है।

उन्होंने कहा कि डेयरी किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है और बाजार में किसी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से अब तक 9 एलपीजी जहाज और एक क्रूड ऑयल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुके हैं। इससे ऊर्जा आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आई है। वहीं, मार्च 2026 से अब तक 5.01 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन चालू किए गए हैं और 5.68 लाख से ज्यादा नए आवेदन दर्ज हुए हैं।

सरकारी तेल कंपनियां लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक की कमी न हो। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि डेयरी उद्योग सहित आवश्यक क्षेत्रों को मार्च से पहले की गैर-घरेलू एलपीजी सप्लाई का 70% हिस्सा मिलता रहे।रुस्तगी ने बताया कि डेयरी सेक्टर को जहां संभव हो, एलपीजी के बजाय पीएनजी अपनाने की सलाह दी गई है, जिससे ईंधन पर दबाव कम हो सके। इसके साथ ही प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई भी स्थिर बनी हुई है और पॉलीप्रोपिलीन व पॉलीस्टाइरीन जैसे कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, ने 2024-25 में 24.787 करोड़ टन दूध उत्पादन दर्ज किया। विभाग ने 30 मार्च 2026 को एक विशेष पोर्टल भी लॉन्च किया है, जिससे देशभर में डेयरी सेक्टर की निगरानी और आपूर्ति प्रबंधन को और मजबूत किया जा सके। सरकार का दावा है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हर हाल में बनाए रखी जाएगी।

















