मोतिहारी, 21 अगस्त (गौरव गुप्ता) बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में जाली भारतीय मुद्रा के कथित कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनके कब्जे से 88 हजार रुपये मूल्य के संदिग्ध 500-500 रुपये के नोट बरामद किए गए हैं। घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। एसएसबी सूत्रों के अनुसार, 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मोतिहारी से जाली भारतीय मुद्रा लेकर कुछ लोग तस्करी के उद्देश्य से लखौरा की ओर जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही एसएसबी ने लखौरा थाना पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और उपनिरीक्षक रिषभ सिंह रावत के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई।

गुरुवार की रात मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर विशेष नाकेबंदी कर वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच शुरू की गई। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रोककर पूछताछ की गई। संदेह होने पर सदर मोतिहारी के अंचल अधिकारी सुनील कुमार की उपस्थिति में नियमानुसार तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान शेख नूर आलम के पास से 500 रुपये मूल्यवर्ग के 176 नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 88 हजार रुपये है। प्रारंभिक जांच में नोटों की छपाई की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। कई नोटों पर एक ही क्रम संख्या अंकित होने जैसी गंभीर विसंगतियां भी सामने आईं, जिसके आधार पर इन्हें प्रथम दृष्टया जाली होने का संदेह माना गया।

संयुक्त टीम ने बरामद संदिग्ध नोटों को जब्त कर बसवरिया निवासी शेख नूर आलम और महुआवा निवासी मो. इस्तकार को हिरासत में ले लिया। दोनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखौरा थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बरामद नोट वास्तव में जाली हैं या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक जांच और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह संदिग्ध मुद्रा कहां से लाई गई थी और इसके पीछे किसी संगठित तस्करी गिरोह का हाथ है या नहीं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और तलाशी अभियान भी तेज कर दिया है।

















