पटना, 24 अगस्त (अविनाश कुमार) बिहार में आपराधिक मामलों की जांच के बीच पुलिस की कार्रवाई ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। पुलिस ने बेलसंड से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित रानू से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर ऑटोमेटिक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, बांका से जनता दल यूनाइटेड के सांसद गिरिधारी यादव से जुड़े तीन ठिकानों पर भी पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई है। सांसद ने अपने यहां हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां इलाके में 50 से अधिक लोगों के घरों और जमीन पर बने निर्माण को तोड़े जाने के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने विधायक अमित रानू के बैरिया स्थित आवास और बेलसंड स्थित कार्यालय-सह-आवास की तलाशी ली।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने ऑटोमेटिक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद किए। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध नवीन कुमार उर्फ नन्हे और छोटू यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव को भी नामजद किया गया है। वहीं विधायक अमित रानू की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब बरामद हथियार और गिरफ्तार संदिग्धों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। JDU सांसद के ठिकानों पर भी देर रात कार्रवाई दूसरी ओर, बांका में जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव के पैतृक आवास समेत तीन ठिकानों पर शनिवार देर रात पुलिस कार्रवाई की बात सामने आई। सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस करीब साढ़े 11 बजे उनके देवघर और चांदन स्थित घरों के अलावा पैतृक गांव के आवास पर पहुंची।

उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई बिना सर्च वारंट के की गई और इसे अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए लोकतंत्र की हत्या करार दिया। हालांकि पुलिस ने सांसद के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई उन्हें निशाना बनाकर नहीं, बल्कि ओढ़नी डैम के पास अवैध मिट्टी खनन मामले में आरोपी लालधारी यादव की तलाश में की गई थी। लालधारी यादव सांसद के छोटे भाई हैं। एसपी अमितेश कुमार ने कार्रवाई को नियमानुसार बताते हुए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस टीम सांसद के खिलाफ छापेमारी करने नहीं, बल्कि आरोपी लालधारी यादव की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी।

















