कोलकाता 21 अप्रैल (कोलकाता डेस्क) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार ने अब उफान पकड़ लिया है। सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीरभूम और पश्चिमी बर्धमान में ताबड़तोड़ रैलियां और रोड शो कर सियासी तापमान बढ़ा दिया। बीरभूम में दो जनसभाओं को संबोधित करते हुए शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। शाह ने कहा कि टीएमसी नेताओं ने “बालू माफिया, पत्थर माफिया और कट मनी” के जरिए जनता की गाढ़ी कमाई लूटी है।

उन्होंने ऐलान किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर यह पैसा “सूद समेत” वापस दिलाया जाएगा। दुर्गापुर में रोड शो के दौरान भारी भीड़ जुटी, जबकि रानीगंज की सभा में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला। चुनावी भाषण में शाह ने तुष्टीकरण और घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाया। राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा, “गोली का जवाब, गोले से दिया जाएगा।” उन्होंने मतदाताओं से 23 अप्रैल को निर्भय होकर भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

उधर, बीरभूम के सूरी में ममता बनर्जी ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और 19 राज्य सरकारें उनके खिलाफ एकजुट हैं, लेकिन वह अकेले जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं। ममता ने नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए इसे युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश बताया। ममता ने भरोसा जताया कि टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने भाजपा पर संविधान बदलने, NRC-UCC थोपने और बंगालियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

राज्य में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। जैसे-जैसे मतदान नजदीक आ रहा है, भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होते जा रहे हैं, जिससे बंगाल का चुनावी रण अब पूरी तरह सुलग उठा है।

















