पटना, 24 अप्रैल (पटना डेस्क) देश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का नया दरवाजा खुल गया है। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PMIS)’ अब तेजी से चर्चा में है, जो युवाओं को पढ़ाई के बाद सीधे काम का अनुभव दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। बजट 2024-25 में घोषित इस योजना का उद्देश्य पढ़ाई और नौकरी के बीच की खाई को खत्म करना है, ताकि युवा सीधे उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें।

इस स्कीम के तहत चयनित युवाओं को देश की बड़ी कंपनियों में 12 महीने की इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सकें।सरकार की ओर से हर महीने 5,000 रुपये की सहायता तय की गई है। इसमें 4,500 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजे जाएंगे, जबकि 500 रुपये संबंधित कंपनी द्वारा दिए जाएंगे। इसके अलावा, इंटर्नशिप शुरू होते ही 6,000 रुपये की एकमुश्त सहायता भी दी जाएगी। इतना ही नहीं, युवाओं को बीमा कवर जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, जिससे यह योजना और आकर्षक बन गई है।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। 10वीं, 12वीं पास, आईटीआई, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन कर चुके युवा इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने वाला व्यक्ति किसी फुल-टाइम नौकरी या नियमित पढ़ाई में नहीं होना चाहिए। ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग करने वाले छात्र इसमें शामिल हो सकते हैं। इंटर्नशिप के अवसर मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंस, हॉस्पिटैलिटी और एनर्जी जैसे कई प्रमुख सेक्टरों में उपलब्ध होंगे। नियम के अनुसार, इंटर्नशिप का कम से कम 50 प्रतिशत समय कार्यस्थल पर बिताना अनिवार्य होगा, जिससे युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव मिल सके।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक PMIS पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और अपनी प्रोफाइल भर सकते हैं। इसके बाद सिस्टम उनकी योग्यता के अनुसार कंपनियों और पदों से उन्हें जोड़ेगा। सरकार की यह पहल युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने के साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।













