पटना, 03 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार ने ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत वर्ष 2030 तक राज्य की एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगस्त में शुरू किए गए इस अभियान के जरिए महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार, पशुपालन, छोटे कारोबार और उद्यमिता से जोड़ने की तैयारी है।सरकार की योजना के अनुसार करीब 60 लाख महिलाओं को पशुपालन और उससे जुड़े छोटे कारोबार से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही महिला-केंद्रित छोटे उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा देकर गांवों में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

10 लाख महिला उद्यमियों को 5 लाख तक की मददअभियान के तहत करीब 10 लाख महिला उद्यमियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की योजना है। इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं नया कारोबार शुरू करने अथवा पहले से संचालित व्यवसाय को विस्तार देने में कर सकेंगी। सरकार उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर भी काम कर रही है।अभियान की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पांच लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 करोड़ रुपये भेजे गए थे। वहीं, जीविका निधि के जरिए 10 हजार लाभुकों को ऋण भी उपलब्ध कराया गया।

1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ींसरकारी जानकारी के मुताबिक बिहार में 1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें 30 लाख से ज्यादा महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब सरकार इस संख्या को बढ़ाकर 2030 तक एक करोड़ करने की दिशा में काम कर रही है।वहीं, दूसरी किस्त या अन्य सरकारी लाभ की उम्मीद कर रही महिलाओं को अपने स्वयं सहायता समूह की बैठकों में भागीदारी, नियमित बचत, बैंक खाता और जरूरी दस्तावेज अपडेट रखने की सलाह दी गई है। कारोबार की योजना और पहले मिले ऋण की अदायगी जैसे मानकों की भी समीक्षा की जा सकती है।हालांकि, दिवाली से पहले सभी महिलाओं के खातों में नई राशि भेजने की कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। ऐसे में किसी भी वायरल दावे पर भरोसा करने से पहले जीविका अथवा संबंधित सरकारी कार्यालय से पुष्टि करना जरूरी है।













