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बिना तैयारी मंच पर बोले कृषि के होनहार: BAU सबौर में एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता, हर्ष संकृत्यायन ने मारी बाजी

बक्सर, 24 अगस्त (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के कृषि विज्ञान विभाग में विद्यार्थियों के वक्तृत्व कौशल, तार्किक चिंतन और आत्मविश्वास को परखने के लिए सोमवार को तात्कालिक भाषण (Extempore) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में एमएससी एवं पीएचडी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बिना किसी पूर्व तैयारी के कृषि से जुड़े समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में हर्ष संकृत्यायन ने प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मारी।कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान विभाग के विश्वविद्यालय प्राध्यापक-सह-मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एस. के. पाठक ने की। वहीं डॉ. वीरेंद्र कुमार, विश्वविद्यालय प्राध्यापक-सह-मुख्य वैज्ञानिक, ने सह-अध्यक्ष के रूप में सहभागिता की।

विभाग के अन्य संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सार्वजनिक वक्तृत्व क्षमता के साथ स्वतःस्फूर्त संवाद, आत्मविश्वास और तार्किक सोच को विकसित करना था।प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों में से यादृच्छिक रूप से विषय चुनने का अवसर दिया गया। इसके बाद उन्हें करीब तीन से चार मिनट तक बिना पूर्व तैयारी के भाषण देना था। भाषण के लिए चुने गए विषय मुख्य रूप से कृषि और खेती से जुड़े समसामयिक मुद्दों तथा चुनौतियों पर आधारित थे। अचानक मिले विषय पर विद्यार्थियों ने अपनी समझ, तर्क और विचारों को मंच से सामने रखा।

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन विशेष मूल्यांकन समिति ने किया। इसके लिए वक्तृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, भाषा दक्षता, विचारों की स्पष्टता, विषय-वस्तु और समग्र प्रस्तुति जैसे विभिन्न मानकों को आधार बनाया गया। प्रत्येक प्रतिभागी का मूल्यांकन 100 अंकों के पैमाने पर किया गया।प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा होते ही विजेताओं के नाम सामने आए। हर्ष संकृत्यायन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं श्रेया रॉय ने द्वितीय और आकांक्षा देवी ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की गई।

समापन संबोधन में डॉ. एस. के. पाठक ने विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने संचार कौशल और आत्मविश्वास को लगातार विकसित करना चाहिए। साथ ही कृषि क्षेत्र के समसामयिक मुद्दों पर स्पष्ट और प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का अभ्यास जरूरी है।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल विकसित करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में विभाग की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

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