नालंदा, 07 अप्रैल (अविनाश पांडेय) पटना हाई कोर्ट के निरीक्षी न्यायाधीश राजीव राँय ने मंगलवार को बिहारशरीफ मंडल कारा का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश गौरव भी मौजूद रहे। कारा प्रशासन की ओर से जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, उपाधीक्षक अरविंद कुमार, अमरेंद्र कुमार और श्रीमती आरती कुमारी ने निरीक्षण में सहयोग दिया।

निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश ने कारा अस्पताल, पुरुष एवं महिला बंदी वार्ड, पाठशाला और कारा परिसर स्थित बाग-बगीचों का दौरा किया। उन्होंने बंदियों के रहन-सहन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत रूप से मूल्यांकन किया। इस अवसर पर कारा प्रशासन ने बंदियों के स्वास्थ्य देखभाल, कौशल विकास और सुधारात्मक कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। विशेष रूप से, न्यायाधीश ने कारा में स्थित बुद्ध ध्यान केंद्र का उद्घाटन किया, जिसमें भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों आनंद एवं उपाली की मूर्तियों का अनावरण किया गया।

केंद्र के समीप हरसिंगार (पारिजात) का पौधारोपण भी किया गया।भ्रमण के उपरांत निरीक्षी न्यायाधीश ने कारा प्रशासन की साफ-सफाई, अनुशासन और व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि न्यायाधीश ने मंडल कारा का नाम बदलकर ‘कुंडलवन कारा’ रखने का सुझाव भी दिया, जिससे कारा की पहचान और सकारात्मक रूप से उभरे।
















