पटना, 16 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार में मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राज्य में एमबीबीएस की 740 नई सीटें बढ़ा दी गई हैं। सीटों में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी के बाद अब बिहार के 26 मेडिकल कॉलेजों में कुल 4160 सीटों पर नामांकन होगा। इससे राज्य के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों की सीटों की संख्या सार्वजनिक कर दी है। नए सत्र में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1710 और निजी मेडिकल कॉलेजों में 2450 सीटों पर प्रवेश होगा। पिछले शैक्षणिक सत्र में सरकारी कॉलेजों में 1520 तथा निजी मेडिकल कॉलेजों में 1900 सीटों पर नामांकन हुआ था।

इस प्रकार इस वर्ष सरकारी कॉलेजों में 190 और निजी कॉलेजों में 550 सीटों की वृद्धि की गई है। राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में पीएमसीएच, पटना में सर्वाधिक 250 सीटें उपलब्ध होंगी। वहीं एनएमसीएच, पटना में 200 सीटें निर्धारित की गई हैं। आईजीआईएमएस, पटना, एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर, जेएनएमसी, भागलपुर और डीएमसी, दरभंगा में 150-150 सीटों पर नामांकन होगा। इसके अलावा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, बेतिया, एएनएमसी, गया तथा वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी में 120-120 सीटें उपलब्ध रहेंगी। ईएसआई मेडिकल कॉलेज और मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा में 100-100 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में हुई यह बढ़ोतरी बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी अहम साबित होगी।

अधिक संख्या में डॉक्टर तैयार होने से भविष्य में राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा के बीच अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार की इस पहल को चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि नई सीटों के जुड़ने से हजारों मेधावी विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना अब पहले की तुलना में अधिक आसानी से साकार हो सकेगा।












