पटना, 14 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार में धान खरीद की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवंबर से धान की खरीद शुरू करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में धान खरीद के वर्तमान लक्ष्य को 35 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य हासिल करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग लेने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का मूल उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने राज्य के सभी पात्र गरीब परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके लिए पंचायत दिवस और सहयोग शिविर कार्यक्रमों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक भी पात्र लाभार्थी राशन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। वहीं, पीडीएस के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों और दिव्यांग लाभार्थियों को खाद्यान्न की होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इससे उम्र या शारीरिक अक्षमता के कारण राशन लेने में होने वाली परेशानी कम होगी।बैठक में नई जन वितरण प्रणाली दुकानों को लाइसेंस जारी करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के कल्याण और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर गंभीर कार्रवाई करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह ने योजनाओं की प्रस्तुति दी। पीएनजी और सीएनजी से जुड़े विभिन्न मानकों में राज्य की रैंकिंग की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने राज्य में पीएनजी अवसंरचना के विस्तार पर जोर दिया।













