
बक्सर, 13 जून (विक्रांत) वर्षों से उपेक्षा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे डुमरांव रेलवे स्टेशन को लेकर अब स्थानीय जनता ने निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव में कमी, गंदगी, पेयजल संकट, जर्जर शौचालय और यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की अनदेखी के खिलाफ 14 जून 2026 को व्यापक जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन के आयोजकों ने बताया कि डुमरांव रेलवे स्टेशन क्षेत्र के हजारों यात्रियों की जीवनरेखा है, लेकिन लंबे समय से यहां सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव समाप्त होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्टेशन परिसर की सफाई व्यवस्था भी बदहाल स्थिति में है। जनता की प्रमुख मांगों में ट्रेनों का ठहराव पुनः बहाल करना, यात्रियों के लिए सम्मानजनक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, स्टेशन परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करना तथा स्टेशन के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है। आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन विशेष का नहीं, बल्कि पूरे डुमरांव के सम्मान, सुविधा और विकास से जुड़ा जनआंदोलन है।

उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में डुमरांव स्टेशन पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जनता एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेगी तो रेलवे प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। “जनता की आवाज ही बदलाव की शुरुआत है” के संदेश के साथ आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

















