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चार साल बाद टूटा इंतजार: डुमरांव अस्पताल का बंद एमएनसीयू वार्ड खुला, नवजातों को अब मिलेगा यहीं जीवनदान

बक्सर, 06 मई (विक्रांत) लंबे इंतजार, जनदबाव और प्रशासनिक प्रयासों के बाद आखिरकार डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में चार साल से बंद पड़ा एमएनसीयू (मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड चालू हो गया है। दूसरे शिशु रोग विशेषज्ञ की प्रतिनियुक्ति के साथ ही इस महत्वपूर्ण वार्ड का ताला खुल गया, जिससे अब नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। एमएनसीयू वार्ड में पहले से तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार के साथ अब पीएचसी प्रभारी सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरबी प्रसाद की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

उन्हें सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार ड्यूटी सौंपी गई है। इससे वार्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है, जो नवजातों की देखभाल के लिए बेहद अहम मानी जाती है। इस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल रही है। डीएम साहिला और सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद चक्रवर्ती के प्रयासों से यह संभव हो सका। सिविल सर्जन कार्यालय के आदेश के तहत डॉ. आरबी प्रसाद को नियमित सेवा देने का निर्देश जारी किया गया है।गौरतलब है कि डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20 प्रसव होते हैं। लेकिन एमएनसीयू बंद रहने के कारण गंभीर नवजातों और प्रसूताओं को तत्काल उच्च संस्थानों में रेफर करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी के साथ मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी।

अब इस वार्ड के चालू होने से रेफरल की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।विडंबना यह रही कि एमएनसीयू भवन का निर्माण करीब चार साल पहले ही पूरा हो गया था और चुनाव के दौरान इसका उद्घाटन भी कर दिया गया था, लेकिन संसाधनों और चिकित्सकों की कमी के कारण यह बंद पड़ा रहा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।स्थानीय समाजसेवियों और आम लोगों ने भी इस मुद्दे को लगातार उठाया। हरेकृष्ण सिंह यादव सहित कई लोगों ने ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाया, जिसका असर अब देखने को मिला है।एमएनसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट, वार्मर, फोटोथेरेपी और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे नवजातों का समुचित इलाज संभव होगा। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कितनी गंभीरता से करते हैं। यदि सेवाएं नियमित रहीं, तो यह वार्ड क्षेत्र के लिए जीवनरक्षक साबित होगा।

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