समस्तीपुर, 19 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर अपराधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर ठगी का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सोनवर्षा चौक निवासी गोलगप्पा विक्रेता दीपक साह के 12 वर्षीय बेटे के अपहरण का फर्जी AI वीडियो बनाकर साइबर अपराधियों ने डरे-सहमे परिवार से 22 हजार रुपये ठग लिए। जानकारी के अनुसार, बच्चा गुरुवार को बाल कटवाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।

परेशान परिजनों ने उसकी तस्वीर और मोबाइल नंबर के साथ सोशल मीडिया पर गुमशुदगी की सूचना साझा की। इसी पोस्ट को साइबर अपराधियों ने अपनी साजिश का आधार बना लिया। AI की मदद से तैयार वीडियो में बच्चे को हाथ-पैर बंधा दिखाया गया और पिस्तौल की नोक पर जान से मारने की धमकी दी गई।अपराधियों ने वीडियो कॉल कर परिवार पर लगातार दबाव बनाया। भयभीत दीपक साह ने UPI के जरिए 22 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी बदमाशों की मांग जारी रही। इधर, पुलिस और परिजन दो दिनों तक बच्चे की तलाश में जुटे रहे। अंततः बच्चा समस्तीपुर के विवेक विहार इलाके में सुरक्षित मिल गया।

बच्चे ने बताया कि तिरहुत एकेडमी के पास एक व्यक्ति ने उसे खाना खिलाने के बहाने बलिया (उत्तर प्रदेश) ले गया था। वहां उसे नशीला पदार्थ देने की बात भी उसने बताई। होश आने पर उसने खुद को ट्रेन में पाया और वापस समस्तीपुर पहुंच गया। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में गई है। साइबर सेल की मदद से खाते की जांच कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश जारी है।















