मुजफ्फरपुर, 07 अप्रैल (संतोष गुप्ता) जिले में पुलिस विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पियर थाना में तैनात अपर थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार का रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल जांच के आदेश दिए और दोष सिद्ध होने पर सोमवार रात उन्हें निलंबित कर दिया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अभिनंदन कुमार एक बिचौलिये के माध्यम से फरियादी से 5 हजार रुपये लेते नजर आ रहे हैं।

आरोप है कि मद्य निषेध मामले में पकड़े गए एक व्यक्ति को छुड़ाने के लिए पहले 20 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन सौदा 5 हजार रुपये में तय हुआ। एसएसपी ने जांच की जिम्मेदारी मनोज कुमार सिंह (एसडीपीओ, पूर्वी-1) को सौंपी। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया। इस पूरे मामले में नूनफारा गांव निवासी शत्रुघ्न राम ने बताया कि उनके भाई को मद्य निषेध विभाग ने पकड़ा था। उन्हें लगा कि भाई पियर थाना में है, जहां एक व्यक्ति ने छुड़ाने के नाम पर पैसे की मांग की।

शत्रुघ्न राम के अनुसार, उनके पास सिर्फ 5 हजार रुपये थे, जो बिचौलिये के जरिए पुलिस अधिकारी तक पहुंचाए गए। उन्होंने बताया कि वीडियो उन्होंने अपने परिजनों को दिखाने के लिए बनाया था, लेकिन मोबाइल चोरी होने के बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो सामने आने के बाद उन पर मामले को दबाने का दबाव बनाया गया। फिलहाल पुलिस विभाग मामले की गहराई से जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई जारी है।

















