गया, 25 मई (सेंटर डेस्क) शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पीपरपाती मोहल्ला सोमवार को उस समय सनसनी से भर गया, जब ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक रंजीत सिंह उर्फ रंग सिंह के आवासीय परिसर में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की। सुबह से देर शाम तक चली इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध और नकली दवाओं के बरामद होने की चर्चा पूरे शहर में होती रही। सूत्रों के मुताबिक ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस और विभागीय अधिकारियों की टीम ने परिसर को चारों ओर से घेरकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान भवन के कई कमरों, गोदामनुमा हिस्सों और स्टोर रूम की बारीकी से तलाशी ली गई।

बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से संदिग्ध तरीके से दवाओं के निर्माण और भंडारण की शिकायत विभाग को मिल रही थी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दवा पैकिंग सामग्री, कार्टून, रैपर और संदिग्ध दवाएं बरामद होने की बात सामने आई है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि परिसर में किस स्तर पर नकली दवाओं का निर्माण या पैकेजिंग किया जा रहा था और इनकी सप्लाई किन जिलों या राज्यों तक होती थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस परिसर में छापेमारी चल रही है, उसी भवन में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का जिला कार्यालय भी किराये पर संचालित होता है।
ऐसे में सरकारी कार्यालय वाले परिसर से नकली दवा कारोबार की आशंका ने प्रशासनिक महकमे में भी हलचल बढ़ा दी है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। परिसर के बाहर बैरिकेडिंग लगाई गई और मीडिया को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। दिनभर स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुटी रही और पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। ड्रग विभाग के अधिकारियों ने फिलहाल जांच जारी रहने की बात कही है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि बरामद सामग्री की जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं, पूर्व सांसद का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
















