बक्सर, 31 अक्टूबर (भागलपुर) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के हस्तांतरण को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर में किसान उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देशभर के किसानों के बैंक खातों में 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित किए जाने के अवसर पर किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा और सुना। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त का हस्तांतरण किसानों के सम्मान और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री ने हमेशा कृषि और किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी भावना के साथ किसान उत्सव मनाया जा रहा है। कुलपति ने कहा कि बिहार के किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का दोहरा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नियमित सहयोग के साथ बिहार सरकार का कृषि रोडमैप राज्य की खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी कृषि संबंधी उपलब्धियों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सुझाव और वैज्ञानिक मार्गदर्शन दिया। किसानों से आह्वान किया कि वे कृषि विज्ञान केंद्र या विश्वविद्यालय आते समय कम से कम दस सवाल जरूर लेकर आएं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ही उपलब्ध हैं। किसान अपनी जिज्ञासाएं खुलकर रखें, ताकि उन्हें उचित तकनीकी सलाह मिल सके।

इस अवसर पर कुलपति ने ‘कृषक संदेश’ पत्रिका के नए अंक का विमोचन किया। उन्होंने किसानों से कृषि साहित्य का नियमित अध्ययन कर नई तकनीकों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने की अपील की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिला किसानों को सिंदूर का एक-एक पौधा भेंट किया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर. के. सोहाने ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बिहार कृषि विश्वविद्यालय की प्रसार गतिविधियों और किसान हित में किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया।

गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किसानों ने देखा। अंत में कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनीता कुमारी ने अतिथियों, वैज्ञानिकों और किसान प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।













