नई दिल्ली, 30 सितम्बर (सेंट्रल डेस्क) जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार को सीआईएसएफ कैंप के भीतर हुई गोलीबारी से हड़कंप मच गया। बसोहली क्षेत्र के माशका स्थित सेवा-2 हाइडल पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान ने कथित तौर पर आपसी विवाद के बाद अपने ही साथियों पर सर्विस एके-47 से गोलियां चला दीं। इस वारदात में चार सीआईएसएफ कर्मियों की मौत हो गई। मृतकों में एक असिस्टेंट कमांडेंट और एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। घटना के बाद आरोपी जवान अभिदेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि सेवा पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की यूनिट तैनात थी।

ड्यूटी के दौरान जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और आरोपी जवान ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से कैंप में अफरा-तफरी मच गई।फायरिंग में चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही कठुआ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कैंप परिसर को सुरक्षित कर पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।

अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला किसी बाहरी आतंकी हमले का नहीं, बल्कि बल के जवानों के बीच हुए आंतरिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस अब गोलीबारी की वजह, घटनाक्रम और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। कितने राउंड फायर किए गए, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद कैंप में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, सीआईएसएफ स्तर पर भी मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।


















