समस्तीपुर, 08 अक्टूबर (मोहम्मद जमशेद) विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए कथित वोट चोरी के विरोध में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जोरदार प्रतिरोध मार्च निकालकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रोश जताया। जनता मैदान से निकला मार्च विभिन्न मुख्य मार्गों से गुजरते हुए अस्पताल चौक पहुंचा, जहां सभा में तब्दील हो गया। कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का संयुक्त पुतला था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए एसआईआर वापस लेने की मांग की। सभा की अध्यक्षता खेग्रामस के प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की।

सभा को संबोधित करते हुए ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, शाद तौहीदी, मनोज कुमार सिंह, शंकर महतो, संजय कुमार, चांदबाबू, संजीव राय, रॉकी खान और मनोज साह समेत अन्य नेताओं ने एसआईआर को लोकतंत्र विरोधी कार्रवाई बताया। वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई। भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह ने कथित साजिश के तहत चुनाव आयोग को आगे कर एसआईआर के माध्यम से फॉर्म-7 का दुरुपयोग कराया। उन्होंने दावा किया कि इसके जरिए देश के करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया गया और बाद में अपने समर्थक मतदाताओं के नाम जोड़कर भाजपा के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश हुई।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है। इसे देश की जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और इसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभा के अंत में प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर मोदी-शाह गद्दी छोड़ो”, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे जोरदार नारे लगाए। इसके बाद ज्ञानेश कुमार, मोदी और शाह का संयुक्त पुतला दहन कर कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एसआईआर के खिलाफ आंदोलन तेज करने का भी संकल्प लिया।














