बक्सर, 06 अक्टूबर (विक्रांत) किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार, तकनीक व आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) को मजबूत करने पर जोर दिया गया। नाबार्ड द्वारा संचालित पीओडीएफ-आईडी योजना के तहत कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन नवचैरिटेबल सोशल हेल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में सोन मिलेट्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने किया। समापन समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पारसनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मौके पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. मणिभूषण, प्रखंड कृषि पदाधिकारी डॉ. रविंद्र सचान समेत प्रशिक्षक और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशिक्षण की शुरुआत नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आनंदवर्धन के संबोधन से हुई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों और एफपीओ से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को संगठित कर बाजार, तकनीक और बेहतर संसाधनों से जोड़ने में एफपीओ अहम कड़ी की भूमिका निभाता है। सामूहिक प्रयासों के जरिए किसान अपनी उत्पादन क्षमता और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।

प्रशिक्षक दिनेश कुमार यादव ने एफपीओ की कार्यप्रणाली, सामूहिक खेती के फायदे और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बक्सर जिले के किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर भी प्रकाश डाला। कहा कि मजबूत एफपीओ उत्पादन लागत घटाने, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और बाजार तक सीधी पहुंच बनाने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावी एफपीओ किसानों को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर जीवनयापन का आधार दे सकता है। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने कार्यक्रम से मिली जानकारी को कृषि कार्यों में लागू करने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का संकल्प लिया।














