Image

अहसासों की फुलझड़ियाँ

आजा साहित्य के आंगन में मध्यप्रदेश की सुप्रसिद्ध कवयित्री दीपशिखा जी की एक गीत

थोड़ा प्यार सँजोना था इस दिल की चारदिवारी में,सो आँखों ने आँखों आँखों में कर लीं मीठी बतियाँ।

इक लड़के ने इक लड़की का दामन थाम लिया दिल से,इक लड़की ने अहसासों की ख़ूब जलाईं फुलझड़ियाँ…..

नीली तितली लाल गुलाबी फूलों पर जब मुस्काई,इक भँवरे ने गुन गुन करती चौपाई प्रेमिल गाई।

पुरवाई के संग उड़ा जब लाल दुपट्टा लड़की का,मौसम ने करवट बदली सुख सपनों ने ली अंगडाई।

प्रेम कहानी नई पुरानी दुहराती हैं अब रतियाँ…..

जिस पत्थर पर बैठ गिनीं थीं सागर की लहरें चंचल,चाहत के संदल से अब तक महक रहा है वो पल पल।

रेत सुनहरी, सुंदर तट और चाँद उतरता पानी में,छलक रहे हैं मिलन घड़ी के मोती आंखों से छल छल।

कोमल मन में नर्तन करने, आईं है कितनी सुधियाँ….

काँटों पर चलकर आया यह रिश्ता पावन बंधन का,कुंदन जैसा निखर गया है जोड़ा प्रेमी खंजन का।

साथ चलेंगे, साथ रहेंगे जीवन के अंतिम क्षण तक,सप्तपदी में बांध दिया है वादा हल्दी चंदन का।

रंगमहल में नर्तन करने आईं जन्नत की परियाँ…

~ दीपशिखा

Releated Posts

कविता जो कभी नहीं लिखी

आज साहित्यिक आंगन में उत्तर प्रदेश, बहराइच की सुप्रसिद्ध कवयित्री विनीता सिंह विनी की एक कविता घुमड़ रहे…

ज़माने भर को यूँ हैरत में डाल रख्खा है

आज साहित्यिक आंगन में मध्यप्रदेश, भोपाल की सुप्रसिद्ध कवयित्री अलका “राज” अग्रवाल की एक ग़ज़ल .ज़माने भर को…

दिल को क्या अब कभी आराम नहीं आएगा

आज साहित्यिक आंगन में उस्ताद सय्यद मंसूर कमाल साहब के शागिर्द उत्तर प्रदेश, बहराइच के सुप्रसिद्ध शायर बशीर…

बज़्मे मोहब्त को सजाने निकले

साहित्यिक आंगन में आज उत्तर प्रदेश बिजनौर की सुप्रसिद्ध शायरा अफ़रोज़ अज़ीज़ जी की ग़ज़ल दिल के सोये…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

<label for="comment">Comment's</label>

Scroll to Top