बक्सर, 11 अक्टूबर (विक्रांत) विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भावनात्मक समझ, लैंगिक समानता और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को एमपी हाई स्कूल, बक्सर में मिशन ज्ञानार्जन 2026 के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। जिला प्रशासन एवं बिहार शिक्षा परियोजना, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों और विद्यार्थियों को सुरक्षित, सहयोगात्मक एवं समावेशी विद्यालयी वातावरण तैयार करने के गुर बताए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला एवं उप विकास आयुक्त श्रीमती निहारिका छवि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन वर्ल्ड बीइंग इंडिया की प्रशिक्षिकाओं सुश्री निवेदिता सिंह एवं सुश्री श्वेता ने किया। उन्होंने भावनाओं की पहचान एवं समझ, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, लैंगिक संवेदनशीलता, समानता, आपसी सम्मान और सकारात्मक संवाद जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

व्यावहारिक उदाहरणों और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को इन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयों में सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभावमुक्त वातावरण जरूरी है। शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

कार्यशाला में शहर के विभिन्न मॉडल विद्यालयों के विद्यार्थी अपने नोडल शिक्षकों के साथ शामिल हुए। परिचर्चा और गतिविधियों के दौरान भावनात्मक समझ, लैंगिक समानता तथा सकारात्मक संबंधों पर विचार-विमर्श हुआ। विद्यालयों में हर विद्यार्थी को सम्मान और सुरक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया।कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), एडीपीसी, एपीओ, सहायक साधनसेवी, कंप्यूटर साइंस शिक्षक समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिशन ज्ञानार्जन का लक्ष्य केवल बेहतर शैक्षणिक परिणाम नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।














