बक्सर, 09 अक्टूबर (विक्रांत) शिक्षा व्यवस्था को केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, भावनात्मक समझ और संवेदनशील व्यवहार विकसित करने की दिशा में बक्सर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में मिशन ज्ञानार्जन के तहत बैठक हुई। इसमें शनिवार को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 10 अक्टूबर को एमपी उच्च विद्यालय, बक्सर में पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न दो बजे तक एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में स्व-जागरूकता, संवेग प्रबंधन, सहानुभूति और लैंगिक संवेदनशीलता जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास करना है। इसके जरिए प्रतिभागियों को अपनी भावनाओं को समझने, संवेगों पर नियंत्रण रखने और सकारात्मक व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान माइंडफुलनेस एवं स्व-चिंतन पर विशेष सत्र होगा। निर्देशित ध्यान अभ्यास के माध्यम से वर्तमान क्षण के प्रति सजगता, मानसिक शांति और आत्म-जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं, आत्म-परिचय एवं आत्म-छवि सत्र में सामाजिक अपेक्षाओं, व्यक्तिगत पहचान और व्यक्ति की आत्म-छवि के निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।भावनात्मक बुद्धिमत्ता कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण होगा। इसमें प्रतिभागियों को अपनी भावनाओं को पहचानने और नियंत्रित करने के साथ-साथ दूसरों की भावनाओं को समझने तथा उनके प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा लैंगिक संवेदनशीलता के सत्र में लैंगिक समानता, पारस्परिक सम्मान और समावेशी व्यवहार को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।जिला प्रशासन का मानना है कि मिशन ज्ञानार्जन के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सोच और भावनात्मक परिपक्वता को मजबूत किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों में सहयोग, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना विकसित होगी तथा बेहतर, समावेशी और सहयोगपूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।














