बक्सर, 05 अक्टूबर (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अधीन महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अखिल भारतीय शैक्षणिक परिभ्रमण पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सका है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राशि प्राप्त होते ही छात्र-छात्राओं के लिए अखिल भारतीय शैक्षणिक परिभ्रमण आयोजित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के अनुसार, महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को देश के विभिन्न कृषि संस्थानों, शोध केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण कराने में होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली तथा बिहार सरकार से प्राप्त निधि से की जाती है। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ देश में कृषि क्षेत्र में हो रहे शोध, तकनीक और नवाचारों को करीब से समझने का अवसर मिलता है।

बताया गया कि पिछले कई वित्तीय वर्षों से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से इस मद में कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके चलते विश्वविद्यालय के सामने शैक्षणिक परिभ्रमण आयोजित करने के लिए वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने को लेकर कृषि विभाग, बिहार सरकार से मांग की है।

हालांकि, अद्यतन स्थिति तक विभाग से राशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसी वजह से प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को शुरू नहीं किया जा सका है।विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि सरकार से राशि उपलब्ध होते ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राशि मिलते ही छात्र-छात्राओं के अखिल भारतीय शैक्षणिक परिभ्रमण का आयोजन किया जा सकेगा और विद्यार्थियों को देश के विभिन्न कृषि संस्थानों व वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का मौका मिलेगा।














