बक्सर, 26 अगस्त (विक्रांत) रेलवे पटरियों और स्टेशनों के आसपास होने वाली पत्थरबाजी, अनधिकृत प्रवेश और अवरोध जैसी घटनाओं पर लगाम कसने के लिए दानापुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने सामुदायिक भागीदारी का नया अभियान शुरू किया है। ‘प्रोजेक्ट रेल साथी’ के तहत आरपीएफ अब पटरियों के आसपास रहने वाले बच्चों, युवाओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को रेलवे सुरक्षा से जोड़कर एक मजबूत नेटवर्क तैयार करेगा। अभियान का उद्देश्य रेलवे और स्थानीय समुदाय के बीच भरोसा बढ़ाने के साथ रेल संपत्ति एवं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत आरपीएफ कर्मी स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं।

जागरूकता कार्यक्रमों, खेलकूद और अन्य सहभागी गतिविधियों के जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि रेलवे उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा और ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन केवल रेल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों की भी साझा जिम्मेदारी है। इसी क्रम में 25 अगस्त को दानापुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित जगजीवन स्टेडियम के आसपास रहने वाले बच्चों और अभिभावकों के बीच विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को रेलवे सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

बच्चों को पटरियों से दूर रहने, रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने तथा किसी संदिग्ध या असुरक्षित गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ को देने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान म्यूजिकल चेयर, रनिंग समेत कई खेल गतिविधियां आयोजित की गई। इनमें करीब 100 बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें उपहार और अल्पाहार भी वितरित किया गया। खेल और संवाद के माध्यम से सुरक्षा संदेश को सहज तरीके से बच्चों तक पहुंचाया गया। ‘प्रोजेक्ट रेल साथी’ के तहत स्थानीय समुदायों में ऐसे लोगों का नेटवर्क तैयार करने की योजना है, जो असुरक्षित गतिविधियों को रोकने में सहयोग करें और समय पर आरपीएफ को जानकारी उपलब्ध कराएं।

इससे रेलवे सुरक्षा को लेकर सामुदायिक जिम्मेदारी मजबूत होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त/पटना प्रियरंजन, निरीक्षक रेलवे सुरक्षा बल/दानापुर पीके बरनवाल समेत बड़ी संख्या में आरपीएफ जवान और स्थानीय लोग मौजूद रहे। आरपीएफ के अनुसार ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।

















