समस्तीपुर, 27 अगस्त (निज संवाददाता) रेलवे के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और परिचालन को सुगम बनाने के लिए वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट-पनियहवा खंड में गोरखपुर कैंट-उनौला स्टेशनों के बीच पैच दोहरीकरण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। कमीशनिंग एवं नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य तथा 3 सितंबर को रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। 31 अगस्त से 4 सितंबर तक यात्रियों को रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन, पुनर्निर्धारण और नियंत्रण का सामना करना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार 31 अगस्त से 3 सितंबर तक नरकटियागंज-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी (55095) और गोरखपुर कैंट-नरकटियागंज सवारी गाड़ी (55098) निरस्त रहेंगी। वहीं 1 से 4 सितंबर तक नरकटियागंज-गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी (55097) का परिचालन भी रद्द रहेगा। एनआई कार्य के कारण कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।

अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस, अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस, जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस, काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस, हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस, पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस और ललितग्राम-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस समेत 13 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। मार्ग परिवर्तन के कारण इन ट्रेनों के गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, देवरिया सदर, सीवान, खलीलाबाद समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव नहीं होंगे। यात्रियों को यात्रा से पहले संशोधित मार्ग और ठहराव की जानकारी अवश्य लेने की सलाह दी गई है। परिचालन व्यवस्था के कारण सात ट्रेनों को पुनर्निर्धारित समय से चलाया जाएगा।

बढ़नी-नरकटियागंज सवारी गाड़ी 240 मिनट, आनंद विहार-रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस 60 मिनट, संबलपुर-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस 300 मिनट, बरौनी-बांद्रा अवध एक्सप्रेस 300 मिनट तथा मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस 240 मिनट देरी से रवाना होगी। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को वाराणसी और लखनऊ मंडल में नियंत्रित कर चलाया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से समय में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पहुंचने और यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।


















