नई दिल्ली, 25 अगस्त (सहयोगी संवाददाता विक्रांत) रेलवे यात्रियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण खान-पान सेवा उपलब्ध कराने के लिए अब निगरानी व्यवस्था को और हाईटेक बनाने की तैयारी में जुट गया है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने आईआरसीटीसी कार्यालय में ‘आईआरसीटीसी वॉर रूम’ के कामकाज की समीक्षा करते हुए रसोई की निगरानी से लेकर यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान तक कई अहम निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान उन्होंने निगरानी और यात्री फीडबैक से जुड़ी विशेष टीम के साथ बातचीत की। सीआरबी ने मौजूदा निगरानी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, तकनीक आधारित और परिणाम केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने ‘रेल मदद’ इंटरफेस को और स्वचालित बनाने का निर्देश दिया, ताकि यात्री एक क्लिक में अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। शिकायतों की सूक्ष्म निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर यात्रियों से सीधे बातचीत कर समस्या का समाधान करने पर भी बल दिया गया।

रेलवे की खान-पान सेवा की रसोई पर अब कैमरों से और कड़ी नजर रखी जाएगी। वर्तमान में चार कैमरा फीड से रसोई की निगरानी की जा रही है। सीआरबी ने कच्चे माल के भंडारण क्षेत्र में अतिरिक्त कैमरे लगाने के साथ पीटीजेड कैमरा लगाने का निर्देश दिया है। खराब व्यवस्था मिलने पर तत्काल नोटिस और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा के दौरान दक्षिण मध्य रेलवे के अनंतपुर स्थित एक रसोई में निरीक्षण और वीडियो निगरानी के आधार पर सुधार की जरूरत भी सामने आई। खासकर रोटी और पराठा बनाने की प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा कर गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सीआरबी ने तृतीय-पक्ष निरीक्षण एजेंसियों की भूमिका की भी समीक्षा की। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर सूची से हटाने जैसे कदम उठाने की बात कही गई।

रेलवे खान-पान सेवाओं में चूहे, कॉकरोच और अन्य कमियों का पता लगाने के लिए एआई आधारित निगरानी प्रणाली पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिया गया कि AI केवल गड़बड़ी पकड़ने तक सीमित न रहे, बल्कि इसके बाद चेतावनी और सुधारात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित हो। रेलवे का कहना है कि इन तकनीकी उपायों से खान-पान की गुणवत्ता, साफ-सफाई और जवाबदेही बेहतर होगी तथा यात्रियों का भरोसा मजबूत होगा।
















