पटना, 22 अगस्त (पटना डेस्क) बिहार के लिए गौरव का क्षण है। राज्य की दो शिक्षिकाओं का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। इनमें बांका जिले के बिदायडीह स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी और गोपालगंज के मिडिल स्कूल कुचायकोट कन्या की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद शामिल हैं। दोनों शिक्षिकाओं को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। इस वर्ष देशभर से कुल 48 शिक्षकों का चयन हुआ है।कटोरिया प्रखंड के राधानगर की रहने वाली खुशबू कुमारी पिछले 13 वर्षों से अधिक समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वह उर्दू प्राथमिक विद्यालय, बिदायडीह में प्रधान शिक्षिका हैं। इससे पहले उन्होंने करीब 11 वर्षों तक मध्य विद्यालय कठौन में टीईटी शिक्षिका के रूप में सेवा दी। बाल-केंद्रित और रचनात्मक शिक्षण शैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।

खुशबू कुमारी का मानना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई बोझ नहीं, बल्कि आनंददायक अनुभव होनी चाहिए। इसी सोच के तहत उन्होंने किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई के बजाय गीत, अभिनय, गतिविधियों और मनोरंजक शिक्षण सामग्री को कक्षा का हिस्सा बनाया। छोटे बच्चों को नाच-गाकर ककहरा सिखाने की उनकी शैली काफी चर्चित रही। उनके क्लासरूम अध्यापन के वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे हैं। जब उन्होंने बिदायडीह स्कूल की जिम्मेदारी संभाली थी, तब बच्चों की उपस्थिति करीब 50 प्रतिशत थी। स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए नियमित माता-पिता शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) शुरू की गई। शिक्षकों, विद्यालय समिति और अभिभावकों को साथ लेकर किए गए प्रयासों का असर यह हुआ कि बच्चों की उपस्थिति बढ़कर 90 प्रतिशत से अधिक हो गई।

स्कूल में अनुशासन और नियमितता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ।खुशबू ने एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग के जरिए प्राथमिक कक्षाओं में सीखने को सरल और रोचक बनाया। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन के बाद उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय बच्चों, विद्यालय और बांका की शिक्षा व्यवस्था का सम्मान बताया।राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 की सूची में बिहार से खुशबू कुमारी और पुष्पा प्रसाद का चयन हुआ है। चयनित शिक्षकों को समारोह में प्रमाणपत्र, रजत पदक और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दिए जाने की जानकारी है। 5 सितंबर को विज्ञान भवन में होने वाला सम्मान समारोह बिहार की इन दोनों शिक्षिकाओं की मेहनत और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर पहचान देगा।


















