पटना, 10 अगस्त (पटना डेस्क) चर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में आरा सिविल कोर्ट से बड़ा न्यायिक आदेश सामने आया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ने मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। वारंट की जद में तत्कालीन जगदीशपुर एसडीएम, एसडीपीओ और शाहपुर थानाध्यक्ष सहित अन्य आरोपी भी शामिल हैं। कोर्ट के इस आदेश से मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। अदालत ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिया है कि वे 12 अगस्त तक मामले से संबंधित कार्रवाई के साथ न्यायालय में उपस्थित हों।

कोर्ट के इस सख्त रुख को मामले की सुनवाई में महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। न्यायालय के आदेश के बाद भरत तिवारी के परिजनों में न्याय मिलने की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है। भरत की मां और भाई ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की कि मामले में दोषी पाए जाने वाले आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। परिजनों का कहना है कि आरोपियों को फांसी की सजा मिलने पर ही उनके परिवार को वास्तविक न्याय और मानसिक शांति मिल सकेगी।

यह मामला लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और अब कोर्ट की ताजा कार्रवाई के बाद इसकी कानूनी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है। फिलहाल यह खबर शुरुआती न्यायिक जानकारी के आधार पर है। मामले में आगे की सुनवाई और अन्य कानूनी कार्रवाई से जुड़े नए अपडेट सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।


















