पटना, 22 जुलाई (सहयोगी संवाददाता रामबालक राय) बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल (जिला अस्पताल) के नवनिर्मित भवन में विभिन्न अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर जिला औषधि भंडार गृह का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से बातचीत की और चिकित्सकों को निर्देश दिया कि अस्पताल में इलाज की सभी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाएं ताकि मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की नौबत न आए। उन्होंने ऑर्थोपेडिक ओटी का निरीक्षण करते हुए इसे विशिष्ट पहचान दिलाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिला अस्पतालों में 105 नए आईसीयू बेड, 70 इंटरमीडिएट केयर यूनिट (आईएमसीयू) बेड तथा 24×7 आपातकालीन सेवाओं का भी शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निःशुल्क पैथोलॉजी सेवाओं की शुरुआत की गई। प्रथम चरण में 11 हब लैब और उनसे संबद्ध 221 स्पोक लैब को जोड़ा गया है, जिससे मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं और समय पर रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के 25 अनुमंडलीय अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सेवा का भी शुभारंभ किया।

इस योजना के तहत प्राथमिकता प्राप्त परिवार (पीएचएच) और आयुष्मान कार्डधारियों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा मिलेगी, जबकि अन्य पात्र लाभार्थियों को रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किडनी रोगियों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार, आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और विशेषज्ञ उपचार सुविधाओं के माध्यम से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सशक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इन नई सुविधाओं से लाखों लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगी। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।














