मुजफ्फरपुर, 22 जुलाई (संतोष गुप्ता) उत्तर बिहार के बहुप्रतीक्षित पताही हवाई अड्डा परियोजना को जल्द नई उड़ान मिलने वाली है। संसद के मानसून सत्र के बाद 13 अगस्त को पताही हवाई अड्डे के शिलान्यास की संभावना के बीच प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। हवाई अड्डा परिसर में वर्षों से फैली झाड़-झंखाड़ की सफाई का कार्य मंगलवार से नगर निगम के मजदूरों द्वारा शुरू कर दिया गया। लंबे समय से उपेक्षित पड़े परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई थीं, जिन्हें हटाने में एक सप्ताह से अधिक समय लग सकता है।हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एमआईटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी शीघ्र शिलान्यास की घोषणा की थी। वहीं, कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

परियोजना से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पताही हवाई अड्डे की मिट्टी की जांच के लिए नमूने हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। इससे पहले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की तीन सदस्यीय टीम ने स्थल का सर्वे कर यहां से छोटी विमान सेवा शुरू करने की अनुशंसा कर दी थी।करीब 101 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस हवाई अड्डे का रनवे लगभग 1050 मीटर लंबा है। स्थानीय लोगों के विरोध के कारण रनवे विस्तार की योजना को फिलहाल स्थगित कर 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

रनवे, टैक्सी-वे, चहारदीवारी, पार्किंग और प्रशासनिक भवन सहित अन्य निर्माण कार्यों के लिए 43 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं तथा टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस परियोजना के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी। पताही परिसर में उड्डयन प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की भी योजना है, जिससे उत्तर बिहार के युवाओं को पायलट प्रशिक्षण और विमानन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री एवं सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि मानसून सत्र के बाद शिलान्यास की तिथि की औपचारिक घोषणा की जाएगी।













