पटना, 18 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार पुलिस के साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। विशेष अभियान के दौरान चार शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जो देशभर में साइबर ठगी से जुटाई गई करीब 14.67 करोड़ रुपये की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन से जुड़े अपराधियों तक पहुंचाने के खेल में शामिल थे। इस खुलासे के बाद साइबर अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी टेलीग्राम एप के जरिए विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में थे। इनका मुख्य काम साइबर ठगों के लिए विभिन्न बैंकों में म्युल अकाउंट उपलब्ध कराना था।

जैसे ही ठगी की रकम इन खातों में जमा होती थी, आरोपी तुरंत नकदी निकाल लेते थे या रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरी राशि को डिजिटल करेंसी में बदलकर चीन से जुड़े नेटवर्क तक भेज दिया जाता था, जहां से रकम अन्य देशों में स्थानांतरित की जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया के बदले स्थानीय सदस्यों को मोटा कमीशन मिलता था।गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पटना के कंकड़बाग (अशोक नगर) निवासी गौतम गंभीर और विवान सिंह, रामकृष्णानगर निवासी तनय सिंह तथा नालंदा जिले के हिलसा निवासी सुमित राज के रूप में हुई है।

जांच के दौरान कुछ बैंक कर्मियों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने कथित मिलीभगत से बड़े वित्तीय लेन-देन के लिए कई कॉरपोरेट बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की देशव्यापी जांच में पता चला कि इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 14 करोड़ 67 लाख रुपये की साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें पहले से दर्ज हैं।पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, छह बैंक पासबुक, 13 एटीएम कार्ड, 10 चेकबुक, छह मोहर, एक क्यूआर पेमेंट कोड और आठ सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंकिंग कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
















