पटना, 16 जुलाई (पटना डेस्क) मानसून की दस्तक के साथ ही भागलपुर की बिजली व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पिछले सात-आठ दिनों में तीन से चार बार हुई तेज हवा और झमाझम बारिश के दौरान शहर और आसपास के कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। लगातार ट्रिपिंग और ब्लैकआउट से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन बिजली विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाल सका है। स्थिति यह है कि घनी आबादी वाले कई इलाकों में बिजली के तार अब भी पेड़ों की घनी टहनियों में उलझे हुए हैं। कई स्थानों पर ढीले तारों को कसने और पेड़ों की छंटनी का कार्य अधूरा पड़ा है। जबकि नियमों के अनुसार अप्रैल के अंतिम सप्ताह से जून के अंत तक मानसून-पूर्व सभी आवश्यक मेंटेनेंस कार्य पूरे कर लिए जाने चाहिए थे।

15 जुलाई की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी कई स्थानों पर काम अधूरा है।गौरतलब है कि मई और जून में आई आंधी-बारिश के दौरान भी पेड़ों की शाखाएं बिजली तारों पर गिरने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी थी। इसके बावजूद विभाग समय रहते व्यापक स्तर पर सुधार कार्य पूरा नहीं कर पाया।अधीक्षण अभियंता संजय कुमार बोरियो ने बताया कि भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख फीडरों का मेंटेनेंस पूरा कर लिया गया है। हालांकि, कुछ स्थानों पर स्थानीय विवाद के कारण काम प्रभावित हुआ। विशेष रूप से झुरखुरिया और पीरपैंती क्षेत्र के आम के बगीचों में बगीचा मालिकों द्वारा पेड़ों की छंटनी की अनुमति नहीं मिलने से कार्य में देरी हुई। अब फलों की तुड़ाई पूरी होने के बाद उन क्षेत्रों में तेजी से मेंटेनेंस कराया जा रहा है।

जमीनी पड़ताल में बरारी रोड, जीरोमाइल-सबौर मार्ग, तिलकामांझी, प्रधान डाकघर रोड, डिक्शन रोड, आरबीएसएस रोड, भीखनपुर चौक और इशाकचक थाना रोड सहित करीब 35 से 40 स्थानों पर बिजली की 33 केवी, 11 केवी और एलटी लाइनें पेड़ों की शाखाओं से उलझी मिलीं। ऐसे में हल्की हवा या बारिश होते ही शॉर्ट सर्किट और तार टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसी जोखिम से बचने के लिए विभाग कई बार एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर देता है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।














