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बिहार में जमीन रजिस्ट्री का बदलेगा पूरा सिस्टम: अगस्त से होगी पूरी तरह पेपरलेस रजिस्ट्री, फाइलों और लंबी लाइनों से मिलेगी राहत

पटना, 14 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार में जमीन, मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार अगस्त से पूरे बिहार में संपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को मोटी फाइलें लेकर निबंधन कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी, जिससे समय की बचत के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। राज्य सरकार ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से कर दी है, जहां पेपरलेस सिस्टम सफलतापूर्वक लागू हो चुका है। इसके बाद 18 जुलाई से राज्य के नौ अन्य निबंधन कार्यालयों में भी यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पटना, मधुबनी समेत अन्य जिलों के सभी निबंधन कार्यालयों को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा।नई व्यवस्था के तहत दस्तावेजों की तैयारी, ऑनलाइन अपलोड, सत्यापन, जांच और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी होगी। खरीदार, विक्रेता और संबंधित अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद ही रजिस्ट्री को अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से लोगों को बार-बार निबंधन कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लंबी कतारों में लगने की परेशानी भी काफी हद तक खत्म होगी। साथ ही दस्तावेजों के खोने या गुम होने की आशंका भी कम हो जाएगी।

नई प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निबंधन विभाग के कर्मचारियों, तकनीकी कर्मियों और अन्य हितधारकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।फिलहाल जिन निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस प्रणाली लागू नहीं हुई है, वहां ई-निबंधन की सुविधा जारी रहेगी। इच्छुक लोग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं, रजिस्ट्री के लिए तारीख और समय निर्धारित कर सकते हैं तथा तय समय पर कार्यालय पहुंचकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। राज्य सरकार का दावा है कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार में भूमि और संपत्ति निबंधन प्रणाली अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनेगी। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सेवाओं को तेज गति से उपलब्ध कराने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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