नई दिल्ली, 12 जुलाई (अशोक “अश्क”) देशभर में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बड़ा कदम उठाया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘फॉर्म-6’ में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब इस फॉर्म में एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसमें आवेदकों से उनके माता-पिता की जानकारी भी मांगी जाएगी। चुनाव आयोग के इस फैसले को मतदाता सूची के सत्यापन को और प्रभावी बनाने की पहल माना जा रहा है।

यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 5.58 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद उन परिवारों के बच्चों के भविष्य के मतदान अधिकारों को लेकर कई सवाल उठने लगे थे। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले 27 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटने का मामला चर्चा में रहा।

बताया गया कि इनमें कई लोगों की शिकायतें लंबित थीं और वे मतदान का अधिकार नहीं प्रयोग कर सके। चुनाव आयोग का मानना है कि फॉर्म-6 में किए गए इस बदलाव से नए मतदाताओं का पंजीकरण अधिक सटीक होगा और भविष्य में मतदाता सूची से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। आयोग ने पात्र नागरिकों से आवेदन करते समय सही और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।


















