पटना, 16 जून (पटना डेस्क) औरंगाबाद जिले के अंबा प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध सतबहिनी मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले 15 दिवसीय आर्द्रा मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आगामी 22 जून से शुरू होने वाले इस बहुप्रतीक्षित धार्मिक मेले को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए कलाकारों, कारीगरों और श्रमिकों की टीम दिन-रात जुटी हुई है। मंदिर परिसर और मेले के विभिन्न हिस्सों में सजावट, प्रकाश व्यवस्था तथा आकर्षक संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस वर्ष मेले का सबसे बड़ा आकर्षण कश्मीर स्थित मां वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर तैयार किया जा रहा भव्य गुफा मंदिर होगा।

आयोजकों के अनुसार श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी धाम जैसी आध्यात्मिक अनुभूति कराने के उद्देश्य से विशेष डिजाइन, रंगीन रोशनी और मनमोहक सजावट के साथ गुफा का निर्माण कराया जा रहा है। गुफा के भीतर देवी स्वरूपों की आकर्षक प्रस्तुति श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक, स्वास्थ्य अथवा अन्य कारणों से जो श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर नहीं जा पाते, उन्हें इस मेले में उसी तरह के दर्शन और धार्मिक वातावरण का अनुभव मिलेगा। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ मेले में मनोरंजन के भी भरपूर साधन उपलब्ध रहेंगे।

बच्चों और युवाओं के लिए ड्रैगन झूला, टावर झूला, नाव झूला समेत कई आधुनिक झूलों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मीना बाजार, खेल-तमाशे, खानपान की दुकानें और विभिन्न व्यावसायिक स्टॉल भी मेले की रौनक बढ़ाएंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सतबहिनी माई के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा-अर्चना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसे में 22 जून से शुरू होने वाला आर्द्रा मेला एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और मनोरंजन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
















