पटना, 11 जून (पटना डेस्क) भीषण गर्मी और जानलेवा लू के बीच चल रहे पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने एक प्रशिक्षु जवान की जिंदगी छीन ली। रोहतास जिले के डेहरी स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीसैप-2) परिसर में प्रशिक्षण के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती कराए गए एक जवान की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि मृत जवान के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदपुर गांव निवासी श्रीराम कुमार के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को बीसैप-2 परिसर में प्रशिक्षु जवानों का नियमित शारीरिक प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान जवानों को करीब 16 किलोमीटर लंबी दौड़ पूरी करनी थी। तेज धूप, उमस और अत्यधिक गर्मी के बीच दौड़ के दौरान तीन प्रशिक्षु जवान अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।घटना के बाद प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने तत्काल तीनों जवानों को इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन श्रीराम कुमार की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रिय रंजन ने बताया कि तीनों जवानों में हीट स्ट्रोक के लक्षण पाए गए थे। अत्यधिक गर्मी, शरीर में पानी की कमी और लगातार शारीरिक परिश्रम के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। दो जवानों का इलाज जारी है, जबकि एक जवान को गंभीर हालत में रेफर किया गया था।बुधवार को पटना में इलाज के दौरान श्रीराम कुमार ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जवान का शव एंबुलेंस से सासाराम सदर अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।सहायक जिला आपदा पदाधिकारी प्रेरणा कुमारी ने बताया कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण लू लगना प्रमाणित होता है तो सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घटना ने भीषण गर्मी में प्रशिक्षण व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।














