समस्तीपुर, 3 जून (हर्षिता “अश्क”) सहकारिता के क्षेत्र में बिहार को नई दिशा देने की पहल के तहत मंगलवार को सहकारिता प्रशिक्षण केन्द्र, पूसा में आयोजित भव्य समारोह में बिहार सरकार के माननीय सहकारिता मंत्री ने जीर्णोद्धार कार्य का शिलापट्ट अनावरण किया तथा तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने वाले सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, प्रशिक्षक, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि सहकारिता बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहद उत्पादन, मखाना उत्पादन, मत्स्य पालन, बुनकरी, कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों से जुड़ी प्राथमिक सहकारी समितियों के गठन से गांवों में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, जन औषधि केंद्र तथा पेट्रोल पंप जैसी गैर-कृषि गतिविधियों को भी सहकारिता मॉडल के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित किया जा सकता है।

उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।जीर्णोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण केन्द्र परिसर में नवसज्जित कम्प्यूटर कक्ष, पुस्तकालय, सभा कक्ष, छात्रावास तथा प्राचार्य आवास का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। इस दौरान मंत्री ने परिसर में वृक्षारोपण भी किया तथा निर्माणाधीन विकास योजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

कार्यक्रम में विधान पार्षद तरूण कुमार, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक समस्तीपुर के अध्यक्ष विनोद कुमार राय, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक निसार अहमद, जिला सहकारिता पदाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, प्राचार्या संगीता कुमारी सहित अनेक गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 17 दिवसीय प्रशिक्षण श्रृंखला का प्रथम चरण 1 से 3 जून तक आयोजित किया गया है। इसमें प्रशिक्षित प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो आगे पैक्स प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने आयोजन की सफलता पर प्रशिक्षण केन्द्र की टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।














