समस्तीपुर, 03 जून (समस्तीपुर डेस्क) मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी की इलाज के दौरान मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि सदर अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। मृतक की पहचान हलई थाना क्षेत्र के वाजितपुर करनैल वार्ड संख्या-01 निवासी स्व. बटोही महतो के 28 वर्षीय पुत्र सुधीर कुमार उर्फ बाबा के रूप में हुई है। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, अवैध शराब से जुड़े एक मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने तीन दिन पूर्व सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि मंडल कारा पहुंचने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पुनः जेल लाया गया। जेल चिकित्सक लगातार उसका इलाज कर रहे थे। मंगलवार की शाम अचानक उसकी तबीयत फिर गंभीर रूप से खराब हो गई। स्थिति बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने तत्काल उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया।

अस्पताल में चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार उपचार किया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण सदर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में रोते-बिलखते स्वजनों का बुरा हाल था। परिजनों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय सुधीर पूरी तरह स्वस्थ था और हिरासत में लिए जाने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली। उन्होंने उत्पाद विभाग की टीम पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना की खबर फैलते ही वाजितपुर करनैल गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने भी घटना पर आक्रोश व्यक्त किया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इधर, जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार ओझा ने बताया कि बंदी की तबीयत कारा में आने के बाद से ही खराब थी। उसका इलाज सदर अस्पताल और जेल चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।













