नालंदा, 19 मई (अविनाश पांडेय) रूस्तमपुर थाना पुलिस ने अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मिनी गन फैक्ट्री चलाने वाले दो मास्टरमाइंड को नालंदा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित लंबे समय से दियारा इलाके में अवैध हथियार निर्माण का नेटवर्क चला रहे थे और वैशाली समेत आसपास के जिलों में सप्लाई कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राधेश्याम और कृष्ण बिंद के रूप में हुई है। दोनों नालंदा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। रूस्तमपुर थानाध्यक्ष कुमार अभिषेक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नालंदा में छापेमारी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।

पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।दरअसल, 23 जून 2024 को रूस्तमपुर थाना पुलिस ने जाफराबाद टोंक दियारा इलाके में छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय निवासी विजय शर्मा अपनी मोटरसाइकिल रिपेयरिंग और लेथ वर्कशॉप की आड़ में अवैध हथियार बनाने का कारोबार चला रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से लेथ मशीन, हथियार बनाने के उपकरण और भारी मात्रा में सामान बरामद किया था। तभी से पुलिस फैक्ट्री के असली मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी थी। जांच में सामने आया कि राधेश्याम और कृष्ण बिंद तकनीकी जानकारी रखते थे और दियारा इलाके में हथियार निर्माण का पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

दोनों विजय शर्मा को हथियार बनाने की ट्रेनिंग देने के साथ जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराते थे।पुलिस के मुताबिक, आरोपी गंगा दियारा के दुर्गम इलाकों को सुरक्षित ठिकाना बनाकर हथियार बनाते थे, जहां पुलिस की पहुंच मुश्किल होती है। इसके बाद अवैध हथियारों की सप्लाई विभिन्न जिलों में की जाती थी। थानाध्यक्ष ने साफ कहा कि अवैध हथियार कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दियारा क्षेत्र में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई तेज कर दी गई है।


















