पटना, 18 मई (पटना डेस्क) शहर के खंजरपुर इलाके में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब डॉक्टर भी उनके निशाने पर आ गए हैं। शहर की प्रसिद्ध सर्जन डॉ. रुपम उपाध्याय से अपराधियों ने खुलेआम रंगदारी मांगकर पुलिस को सीधी चुनौती दे डाली। घटना रविवार को खंजरपुर रोड स्थित उनके निर्माणाधीन अस्पताल परिसर में हुई, जहां आधा दर्जन से अधिक बदमाश अचानक पहुंच गए और निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी देने लगे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपराधियों ने डॉ. उपाध्याय से कहा कि यदि रंगदारी नहीं दी गई तो अस्पताल निर्माण का काम पूरी तरह बंद करा दिया जाएगा। बदमाशों ने वहां काम कर रहे मजदूरों और मिस्त्रियों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें डराकर भगा दिया।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।डरी-सहमी डॉ. उपाध्याय और उनके स्टाफ ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी अपराधी फरार हो गए। इसके बाद महिला चिकित्सक ने बरारी थाने में लिखित आवेदन देकर एक नामजद समेत कई अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट रह चुकीं डॉ. रुपम उपाध्याय ने बताया कि वह अपनी जमीन पर अस्पताल का निर्माण इसलिए करा रही हैं ताकि आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा, “सोचा था लोगों की सेवा करेंगे, लेकिन यहां तो अस्पताल बनाने पर अपराधी रंगदारी मांगने पहुंच गए।

”पुलिस फिलहाल अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मामले को गंभीर मानते हुए बरारी थाने की टीम जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि यह मामला एक माह पूर्व खंजरपुर-बड़गांछ चौक पर हुई कार्रवाई से भी जुड़ा हो सकता है। उस समय एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर पुलिस ने जमीन कब्जा करने पहुंचे आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया था। शिकायत मिली थी कि अपराधी आनंद मार्ग की प्रचारक श्यामा देवी द्वारा दान की गई जमीन पर कब्जे की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस की पूर्व कार्रवाई के बावजूद खंजरपुर क्षेत्र में अपराधियों की सक्रियता कम नहीं हुई है। डॉ. उपाध्याय ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की अपील की है, ताकि अस्पताल निर्माण कार्य निर्बाध रूप से पूरा हो सके।

















