बक्सर, 15 मई (विक्रांत) डुमरांव नगर परिषद में मुख्य पार्षद पद के उपचुनाव से पहले मतदाता सूची में भारी फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम मतदाताओं तक में जबरदस्त हलचल मच गई है। वर्ष 2022 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची और हाल ही में उपचुनाव के लिए जारी नई सूची में कई वार्डों के मतदाताओं की संख्या में भारी अंतर सामने आने से निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, अगस्त 2022 में नगर निकाय चुनाव के दौरान प्रकाशित मतदाता सूची के आधार पर ही चुनाव कराया गया था। अब मुख्य पार्षद पद के उपचुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने नए सिरे से मतदाता सूची तैयार कर अंतिम प्रकाशन किया है।

लेकिन नई सूची में कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या अप्रत्याशित रूप से घटने और बढ़ने से लोग हैरान हैं। सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड संख्या 31 को लेकर हो रही है। वर्ष 2022 की सूची में यहां कुल 3150 मतदाता दर्ज थे, जबकि नई प्रकाशित सूची में यह संख्या घटकर मात्र 1666 रह गई है। यानी लगभग 50 प्रतिशत मतदाता अचानक गायब हो गए। दूसरी ओर वार्ड संख्या 32 में वर्ष 2022 में 1021 मतदाता थे, जो अब बढ़कर 2076 हो गए हैं। ऐसे कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या में भारी बदलाव दर्ज किया गया है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची को आधार बनाकर नई सूची तैयार की गई है।

हालांकि, नगर परिषद क्षेत्र के कुल मतदाताओं की संख्या लगभग पूर्ववत बनी हुई है, लेकिन अलग-अलग वार्डों में बड़े पैमाने पर बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले पर भाजपा नेता एवं नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष चुनमुन प्रसाद वर्मा ने गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब परिसीमन में कोई बदलाव नहीं हुआ, तो वार्ड 31 के आधे मतदाता आखिर कहां चले गए? उन्होंने इसे निर्वाचन विभाग के लिए गंभीर जांच का विषय बताते हुए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब यह मुद्दा डुमरांव की राजनीति में नया तूफान खड़ा करता दिख रहा है।













