नालंदा, 07 मई (अविनाश पांडेय) अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर में लगने वाले ऐतिहासिक मलमास मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गुरुवार को राजगीर स्थित आरआईसीसी भवन में नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की अध्यक्षता में हाई लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में धर्मशाला संचालकों, होटल मालिकों, टांगा चालकों, फुटपाथ दुकानदारों, बैंक प्रतिनिधियों, ई-रिक्शा चालकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। आगामी मलमास मेला का आयोजन 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक होगा।

इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु राजगीर पहुंचते हैं और पवित्र ब्रह्मकुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष तैयारी शुरू कर दी है। बैठक में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, लाइटिंग, स्वास्थ्य सुविधा, पार्किंग और आवासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने सड़क किनारे अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि रेड लाइनिंग के बाद ही दुकानें लगाई जाएंगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि मलमास मेला में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है और भारत सरकार व बिहार सरकार के एसडीएमए दिशा-निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं टांगा चालकों ने स्टैंड पर छांव और पेयजल की व्यवस्था की मांग उठाई, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। महिला सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सहायता के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने और चोर-उचक्कों व गड़बड़ी फैलाने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन ने आम लोगों और सभी संस्थाओं से अपील की है कि मलमास मेला 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।














