पटना, 29 अप्रैल (अविनाश कुमार) राज्य के शहरी इलाकों में गहराते पेयजल संकट को खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) ने केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘अमृत 2.0’ योजना के तहत 21 जलापूर्ति परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। इन परियोजनाओं पर कुल 2451.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने साफ कहा कि अधिकारी सिर्फ एजेंसियों पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद स्थल निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करें और मुख्यालय को नियमित रिपोर्ट भेजें। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो 9 योजनाओं पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं 9 परियोजनाएं टेंडर प्रक्रिया में हैं और 3 योजनाएं अभी प्रस्तावित चरण में हैं, जिनके लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा।राज्य के कई प्रमुख शहरों में काम शुरू हो चुका है।

इनमें पटना (फेज-1) के लिए 1308.46 करोड़, गया (फेज-3) के लिए 191.09 करोड़, समस्तीपुर (फेज-1) के लिए 129.85 करोड़, मुंगेर (फेज-1) के लिए 50.28 करोड़ और खगड़िया (फेज-1) के लिए 129.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, किशनगंज और लखीसराय में भी योजनाएं संचालित हैं।इन परियोजनाओं के तहत पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को हटाकर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे लीकेज की समस्या पर लगाम लगेगी। साथ ही जल वितरण नेटवर्क को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि हर घर तक समान रूप से पानी पहुंच सके। जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से पानी की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। सरकार को भरोसा है कि यह मेगा पहल न सिर्फ जल संकट को खत्म करेगी, बल्कि शहरी जीवन स्तर को भी नई ऊंचाई देगी।













