पटना, 10 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, और उसी समय पटना में जेडीयू मुख्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने नया सियासी बवाल खड़ा कर दिया। इस पोस्टर में उनके बेटे निशांत कुमार को ‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’ घोषित किया गया है। यह पोस्टर जेडीयू के छात्र नेता कृष्ण पटेल द्वारा लगाया गया, जिसमें भावनात्मक अपील करते हुए लिखा गया “बिहार को अनाथ मत कीजिए।”

पोस्टर में ऊपर नीतीश कुमार और नीचे निशांत कुमार की तस्वीर के साथ उन्हें उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में पेश किया गया है। पोस्टर में ‘मिशन विकसित बिहार 2040’ का भी जिक्र है, जिसमें दावा किया गया है कि नीतीश कुमार के अधूरे विजन को अब निशांत कुमार ही पूरा करेंगे। इससे यह संकेत मिल रहा है कि जेडीयू के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा अब खुलकर सामने आ रही है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को संभालने के लिए नए चेहरे की तलाश में है, और निशांत को आगे लाने की रणनीति पर काम हो रहा है। इंजीनियर पृष्ठभूमि और सादगीपूर्ण छवि के कारण निशांत युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उधर, दिल्ली में भाजपा की अहम बैठक जारी है, जिसमें बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन हो रहा है। सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता पहले से ही डेरा डाले हुए हैं। हालांकि अब तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन एक बात साफ है बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
















