नई दिल्ली, 10 अप्रैल (अशोक “अश्क) अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर की आशंकाओं के बीच भारत सरकार ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, वैश्विक संकट के बावजूद ईंधन की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है।

लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक खरीदारी या स्टॉकिंग से बचें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। आपूर्ति और मांग में संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने कई रणनीतिक बदलाव किए हैं। शहरी क्षेत्रों में गैस बुकिंग की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दी गई है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय और सुविधा मिल सके। घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ईंधन की सप्लाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए अलग से निगरानी की जा रही है।

एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केंद्र ने कोयला और केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है। संबंधित एजेंसियों को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए इन स्रोतों की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल सेवाओं का विस्तार करते हुए सरकार ने एलपीजी बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम को और मजबूत किया है। वर्तमान में 95 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और 91 प्रतिशत डिलीवरी डीएसी प्रणाली के जरिए की जा रही है, जिससे गैस की हेराफेरी पर रोक लग रही है। 7 अप्रैल 2026 को एक ही दिन में 53.5 लाख घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति कर सरकार ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। साथ ही, कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए हजारों छापे मारे गए हैं और कई डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना व निलंबन जैसी कार्रवाई की गई है।सरकार ने दोहराया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सभी सेवाएं बिना रुकावट जारी हैं। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।
















