पटना, 07 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण के बाद पटना में एनडीए विधायक दल की अहम बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है। माना जा रहा है कि आम सहमति बनने के बाद नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

इससे पहले दिल्ली में भाजपा की हाई-लेवल बैठक प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी।राजनीतिक गलियारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने संकेत दिया है कि जल्द ही “अच्छी खबर” सामने आ सकती है। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने खुद को इस दौड़ से बाहर बताया है।

सूत्रों के अनुसार, खरमास समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता शामिल हो सकते हैं। जदयू सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से लौटने के बाद नीतीश कुमार पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर अंतिम रणनीति तय करेंगे। वहीं, 12 अप्रैल को प्रस्तावित विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता के गलियारों में हलचल तेज है और आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

















