मुजफ्फरपुर, 06 अप्रैल (संतोष गुप्ता) बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देशों के बावजूद पुलिस महकमे से रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के पियर थाना में तैनात अपर थानाध्यक्ष (एसआई) अभिनंदन कुमार का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और महकमे में हड़कंप मच गया है।

वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो व्यक्ति एक कमरे में बैठे पुलिसकर्मियों के पास पहुंचते हैं और उनमें से एक को नकदी सौंपते हैं। पैसे लेने वाला व्यक्ति नोटों को गिनने के बाद बगल में बैठे दूसरे शख्स को थमा देता है। इसके बाद वह पैसे देने वाले व्यक्ति को कुछ निर्देश देता हुआ नजर आता है। बताया जा रहा है कि यह लेन-देन किसी मामले को रफा-दफा करने या मदद के एवज में किया गया। सूत्रों के अनुसार, इस कथित सौदे में एक स्थानीय दलाल की भूमिका भी सामने आ रही है, जो नूनफारा का निवासी बताया जा रहा है।

वीडियो में दिख रहा है कि दलाल के माध्यम से दारोगा तक पैसे पहुंचाए गए और उन्होंने बिना किसी हिचक के रकम स्वीकार कर ली। खास बात यह है कि पूरी घटना को पास में मौजूद एक व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया, जिससे मामला उजागर हो गया। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना है। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर पुलिस विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।


















