पटना, 26 अक्टूबर (अविनाश कुमार) बिहार के प्याज उत्पादक किसानों के लिए राहत और खुशखबरी वाली योजना सामने आई है। अब किसान अपनी प्याज की फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए विशेष भंडारण संरचना तैयार कर सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से अधिकतम 4.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य किसानों को फसल के तुरंत बाद औने-पौने दाम पर प्याज बेचने की मजबूरी से राहत देना और बेहतर बाजार मूल्य मिलने तक भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण केंद्र की निर्धारित लागत 6 लाख रुपये रखी गई है। इस पर सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान देगी।

यानी पात्र किसान को अधिकतम 4.50 लाख रुपये की सहायता मिल सकती है, जबकि शेष 1.50 लाख रुपये की राशि किसान को स्वयं वहन करनी होगी। 28 जिलों में मिलेगा लाभवर्ष 2026-27 की योजना में राज्य के 28 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गया, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सीवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं। एक किसान परिवार को अधिकतम एक प्याज भंडारण संरचना के लिए ही सहायता मिलेगी। योजना में सभी वर्गों की महिला किसानों को 30 प्रतिशत प्राथमिकता देने का प्रावधान भी बताया गया है।

खेती पर भी आर्थिक मददसरकार केवल भंडारण ही नहीं, प्याज और सब्जियों की खेती को भी बढ़ावा दे रही है। रबी सीजन में प्याज की खेती पर पात्र किसानों को 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान मिल सकता है। लाभ के लिए न्यूनतम 0.10 और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित है। वहीं टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी जैसी हाइब्रिड सब्जियों की खेती पर 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान है। इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय की वेबसाइट पर योजना की जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज, समय-सीमा और जिले में योजना की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करना जरूरी होगा।













