समस्तीपुर, 25 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) बच्चों को आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूक करने और विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर बिहार शिक्षा परियोजना, समस्तीपुर एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षित शनिवार’ के तहत जिला स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला शनिवार से शुरू हुई। 24 से 28 अक्टूबर तक पुरानी पोस्ट ऑफिस रोड स्थित केंद्र पर विभिन्न बैचों में प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

पहले दिन जिले के 10 प्रखंडों से नामित शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया। प्रत्येक प्रखंड से छह-छह शिक्षकों को नोडल शिक्षक सह मास्टर प्रशिक्षक बनाया गया है। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक विद्यालयों में कार्यक्रम का नियमित संचालन कराने के साथ प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण करेंगे। कार्यशाला का उद्घाटन डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, डीपीओ स्थापना जमालुद्दीन, डीपीओ एसएसए शुभम कसौधन, यूनिसेफ के आपदा जोखिम न्यूनीकरण विशेषज्ञ राजीव कुमार, शिक्षा विशेषज्ञ बसंत कुमार सिंह, बीएसडीएमए के राज्य सलाहकार अशोक कुमार शर्मा, लेखा पदाधिकारी सुनील कुमार एवं मीडिया समन्वयक हरिश्चंद्र राम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
डीपीओ शुभम कसौधन ने अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।डीडीसी ने शिक्षकों से प्रशिक्षण के ज्ञान को विद्यालयों तक पहुंचाने और सुरक्षा गतिविधियों को नियमित बनाने की अपील की। प्रत्येक स्कूल में फोकल शिक्षक व बाल प्रेरकों का चयन, आपदा प्रबंधन समिति का गठन, ‘हैजार्ड हंट’ से जोखिमों की पहचान और आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। प्रत्येक शनिवार निर्धारित गतिविधियां कराकर आंकड़े ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।

प्रशिक्षण में डॉ. पल्लव कुमार, संदीप कुमार, नवनीत कुमार विमल, सुभीत कुमार सिंह, मंगलेश कुमार, सदफ नाज एवं मिन्की कुमारी ने अग्नि, भूकंप, बाढ़ समेत विभिन्न आपदाओं से बचाव के उपाय बताए। संचालन सुभीत कुमार सिंह ने किया।














